भारत में कानून है कि Income Tax चुकाना होता है इस income tax के लिए सरकार ने तय कर रखा है कि अगर आपकी इतनी income है, तो उतना टैक्स चुकाना होगा।
सोचिए किसी ने कम टैक्स चुकाया तो ? और मान लीजिए कि गलती से ज्यादा टैक्स चुका दिया तो ? सरकार हिसाब-किताब रखती है , और हिसाब-किताब के लिए Income Tax Department यानि आयकर विभाग में सबका लेखा-जोखा रखा जाता है।
लेखा-जोखा रखने के लिए सरकार (income tax department) सबको एक खाता नम्बर जारी करती है , जिसे स्थाई खाता संख्या (Permanent Account Number) यानि PAN कहा जाता है।
आयकर विभाग income tax department हर खातेदार को एक पहचान पत्र (Identity Card) भी जारी करता है , जिस पर खातेदार के फोटो और कुछ और जानकारियों के साथ उसका PAN भी लिखा होता है , इस कार्ड को हम PAN Card कहते हैं।
वैसे तो PAN का सही इस्तेमाल आयकर यानि income tax के लिए ही होता है , लेकिन सरकार के समय-समय पर बदलते नियमों के कारण कुछ और जगहों पर भी
PAN कार्ड काम आता है। जैसे- PAN कार्ड आपकी पहचान का एक Proof है , जिसे ज्यादातर जगह मान्यता है। इसके अलावा बैंक खातों के साथ PAN कार्ड लिंक कराना होता है।
आम तौर पर लोगों को लगता है कि PAN कार्ड सिर्फ बड़ों का ही बनता है , जबकि यह सच नहीं है , बच्चों का भी PAN कार्ड बनता है। इतना ही नहीं , संस्थानों का भी PAN कार्ड बनाया जाता है (संस्थान जैसे कि- प्रोप्राइटरशिप फर्म , पार्टनरशिप फर्म , ट्रस्ट , NGO व अन्य) , यहॉं तक कि विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों (NRI) का भी PAN कार्ड बनाया जाता है।
यहॉं हम भारत में रहने वाले भारतीय लोगों (individuals) के पैन कार्ड के बारे में बात करेंगे। सभी वयस्क और मानसिक रूप से ठीक लोग (जो अपना भला-बुरा समझ सके) अपने PAN कार्ड Application Form पर खुद Sign करते हैं , जाहिर है कि मृतक , मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति या 18 साल से कम उम्र के (अवयस्क) की स्थिति में उनके बदले कोई और व्यक्ति Application Form पर Sign करता है।
यहॉं यह बताना जरूरी है कि अगर आपने कभी भी PAN कार्ड बनवाया हो , तो आपको कभी भी दुबारा नया पैन कार्ड बनवाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए क्योंकि एक ही व्यक्ति के दो पैन कार्ड होना , कानूनन अपराध है। इसके लिए कम से कम 10000/- का जुर्माना और छ: महीने की कैद या दोनों हो सकते हैं।
नया PAN कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म नम्बर 49A भरना होता है , कृपया ध्यान दें कि यह फार्म NRI यानि विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए नहीं है। प्रवासी भारतीयों यानि विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए नया पैन कार्ड बनाने के लिए एक अलग फार्म होता है, जिसके बारे में यहॉं जानकारी नहीं दी जा रही है। बाकी सभी स्थितियों में (चाहे दुबारा PAN कार्ड प्रिंट हो, या फिर कोई करेक्शन कराना हो) हमेशा करेक्शन वाला फार्म भरना होता है।
पैन कार्ड बनवाने के लिए जरूरी कागजात-
| ID Proof यानि पहचान का सबूत | Address Proof यानि पते का सबूत | Date of Birth Proof यानि जन्मतिथि का सबूत |
| आधार कार्ड | आधार कार्ड | आधार कार्ड जिसमें पूरी DoB लिखी हो |
| Voter ID कार्ड (चुनाव पहचानपत्र) | चुनाव पहचान पत्र Voter ID | केवल नया वाला पहचान पत्र जिसमें पूरी DoB लिखी हो |
| कोई भी सरकारी पहचान पत्र | कोई भी सरकारी पते का प्रूफ | जन्म तिथि का कोई भी सरकारी प्रूफ |
इन सबके बाद भी , जो भी कागज आप लगा रहे हैं , उसमें और आधार कार्ड में नाम , लिंग और जन्मतिथि same होनी जरूरी है, इसलिए हमारी सलाह है कि अपने नए बनाए जाने वाले पैन कार्ड के फार्म में सभी जानकारियॉं अपने आधार कार्ड के अनुसार ही भरें।
