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मोटर इन्श्यॉरेन्स (वाहन बीमा)

Posted on 6 जून 202113 अक्टूबर 2023 By Utilities Point

य‍ह तो आपको मालूम ही है कि भारत में रजिस्‍टर्ड सभी वाहनों का बीमा कराना अनिवार्य (Mandatory) है।

मूल रूप से वाहन बीमा कम्‍पनियां दो तरह का बीमा करती हैं- Third Party (Liability Policy) और First Party (Own Damage Policy) इन दोनों को मिलाकर जो बीमा होता है, उसे Comprehensive Policy कहा जाता है।

Third Party या Liability Only Insurance

जैसा कि हमें पता है कि अगर किसी गाड़ी से कोई Accident हो जाए, तो अक्‍सर पुलिस केस हो जाता है। पुलिस केस है तो कोर्ट केस भी हो सकता है।

अगर आप के वाहन से किसी को कोई नुकसान पहुंचे और कोर्ट का फैसला अगर आपके खिलाफ आए तो ऐसे में आपको उस नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी, फिर चाहे आपकी प्रॉपर्टी बेचकर ही क्‍यों न हो ।

लेकिन सोचिए, अगर आपने बीमा कराया हुआ हो, तो भरपाई आपको नहीं करनी पड़ेगी बल्कि बीमा कम्‍पनी उस नुकसान की भरपाई करेगी। इसके लिए कराये गये बीमे को Third Party Insurance कहा जाता है।

आम तौर पर सबसे सस्‍ता बीमा यही होता है, और लोग सिर्फ पुलिस से बचने के लिए ऐसा बीमा करवाते हैं, इसमें बीमा कम्‍पनी आपके वाहन को (टूट-फूट, आग, चोरी या किसी भी वजह से हुए) नुकसान की जिम्‍मेदारी नहीं लेती।

भारत के वर्तमान कानूनों के तहत, ये जिम्‍मेदारी तो आपको लेनी ही पड़ेगी यानि कम से कम ये वाला बीमा तो होना ही चाहिए, क्योंकि यह आपकी जिम्‍मेदारी (देनदारी) है, इसलिए इसे Liability Only Insurance भी कहते हैं।

First Party Insurance या Own Damage Policy

इसमें आपका वाहन दुर्घटना, चोरी आदि आपदाओं से कवर होता है, यानि अगर आपके वाहन के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी भी भरपाई बीमा कंपनी करती है।

इसके लिए कंपनी आपके वाहन की कीमत का अंदाजा लगाती है। कंपनी ने आपकी गाड़ी की जितनी कीमत लगाएगी उतने ही रूपये का बीमा आपकी गाड़ी का करेगी यानि उतना ही रूपया जरूरत पड़ने पर आपकी गाड़ी के लिए कंपनी खर्च करेगी।

इस बीमे के साथ आप कुछ और तरह के add-in (अन्‍य सुविधाएं) भी ले सकते हैं, जाहिर है, कम्‍पनी जितनी ज्यादा कीमत का बीमा करेगी और सुविधाएं जोड़ेगी, आपका खर्च (प्रीमियम) उतना ही बढता जायेगा। पर आपको अपने वाहन की सुरक्षा के लिए यह बीमा जरूर कराकर रखना चाहिए।

जब आप फर्स्‍ट पार्टी बीमा कराते हैं, तब आम तौर पर उसके साथ थर्ड पार्टी बीमा भी होता ही है, इसलिए इसे Comprehensive Insurance या Package Policy भी कहा जाता है।

हालांकि आजकल जरूरी नहीं है कि आप Own Damage Policy कराएं तो साथ में Liability Insurance भी हो ही, आजकल आप दोनों तरह का बीमा अलग अलग कम्‍पनियों से करा सकते हैं।

खास बात

भारत सरकार (IRDA) द्वारा 28-08-2018 को जारी Instructions के अनुसार 01-09-2018 से कोई भी नई कार खरीदते समय कम से कम तीन साल का Liability Insurance कराना जरूरी है। अगर आप कोई नया टू-व्‍हीलर खरीदते हैं तो कम से कम पॉंच साल का Liability Insurance कराना जरूरी है। बैटरी से चलने वाले वाहनों पर भी यह बात लागू है।

IRDA के 20-09-2018 को जारी Directions के अनुसार Owner-Driver का कम से कम 15 लाख रूपये का Personal Accidental Cover (CPA) कराना जरूरी है।

इस बारे में और अधिक जानने और अपने वाहन का बीमा घर बैठे कराने के लिए यहॉं क्लिक करें

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