Digital Signature Certificate (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) कम्प्यूटर द्वारा हस्ताक्षर करने की सुविधा देने वाली तकनीक है। हमने कुछ बरस पहले तक देखा कि किसी दस्तावेज पर व्यक्ति को स्वयं अपने हस्ताक्षर (या अंगूठा निशानी) करने होते थे। बड़ी ही हंसी आती है यह सोचकर कि पूरा काम कम्प्यूटर पर करने के बाद पहले कागज पर प्रिंट लो और उसके बाद उस पर अंगूठा निशानी या हस्ताक्षर करो। अब यही document यदि कहीं किसी को भेजना पड़े, तो फिर से इसे स्कैन करके ई-मेल या किसी दूसरे तरीके से भेजना पड़ता था। कुछ अफसरों को तो दिनभर में सैंकड़ों कागजों पर Sign करने पड़ते हैं। ऐसे में किसी साइन की विश्वसनीयता (Authenticity) की जाँँच भी आसान नहीं होती। खैर… समय के साथ कलम के बदले आजकल DSC का इस्तेमाल किया जाना शुरू हुआ।
Digital Signature Certificate या DSC और कुछ नहीं असल में एक फाइल है, जिसमें आपकी जानकारी स्टोर की गई होती है, और इसमें छेड़छाड़ किया जाना लगभग असंभव है क्योंकि यह SHA2 – 2048 bit Encryption के जरिये सुरक्षित की गई होती है। इस एन्क्रिप्शन (यानि गुप्त कोड) को तोड़ना इतना कठिन है, कि यदि कोई उचित Key (यानि code) के बिना, इसकी सुरक्षा (Security) को भेदना चाहे, तो लगभग 300 ट्रिलियन (1 ट्रिलियन = 1,000,000,000,000) वर्ष लगने की संभावना है, यानि इसकी सुरक्षा को भेदना लगभग असंभव है।
जाहिर है, इतनी बड़ी सुरक्षा की दीवार खड़ी करना आम लोगों के लिए सरल नहीं है, लिहाजा भारत सरकार में कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंंग अथॉरिटीज की देखरेख, निर्देशों और स्वीकृति से अनेक सर्टिफाइंग अथॉरिटीज देशभर में इन डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट्स को जारी करने का काम करती हैं।
जैसा कि ऊपर बताया गया कि डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट असल में एक फाइल है। इस फाइल की एक निश्चित (particular) वैधता अवधि (validity period) होती है, यानि यह फाइल एक साल, दो साल या तीन साल के लिए जारी (issue) की जाती है। और भी अधिक सुरक्षा के लिहाज से Encryption की भी जरूरत होती है।
यह फाइल पेन-ड्राइव जैसे दिखने वाले एक हार्डवेयर टोकन में स्टोर करके रखी जाती है, जहॉं से इसे प्रयोग किया जा सकता है। किसी दस्तावेज अथवा वेब-पोर्टल पर ऑनलाइन डिजिटल हस्ताक्षर करते समय यह हार्डवेयर टोकन कम्प्यूटर में लगाना जरूरी होता है। इस हार्डवेयर टोकन को डोंगल भी कहा जाता है।
इस डोंगल में निम्न तरह की फाइलें स्टोर हो सकती हैं-
- केवल साइन
- साइन और एन्क्रिप्शन (दोनोे)
जैसा कि ऊपर बताया गया है, सर्टिफाइंग अथॉरिटीज देशभर में इन डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट्स को जारी करने का काम करती हैं। इसका मतलब यह है कि DSC कोई ऐसा product नहीं, जिसे सीधे ही खरीदकर उपयोग किया जा सके। आपकी जरूरत के अनुसार, सर्टिफाइंग अथॉरिटी से जारी कराया जाता है। आपकी जरूरतों के अनुसार ही अलग-अलग प्रकार के DSC जारी कराने के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की जरूरत होती है।
अलग-अलग जगह काम में लेने के लिहाज से डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट कई तरह के हो सकते हैं-
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- DSC केवल साइन Individual के लिए
- DSC साइन और एन्क्रिप्शन (दोनों) Individual के लिए
- DSC केवल साइन Organization के लिए
- DSC साइन और एन्क्रिप्शन (दोनों) Organization के लिए
- DSC DGFT
आपको हमारी सलाह है कि अपनी जरूरत के मुताबिक ही DSC खरीदें व जारी कराएं, यदि कोई शंका हो, तो पहले हमसे जानकारी करने के बाद ही DSC खरीदें।
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