NPS या National Pension System यानि एनपीएस भारत सरकार द्वारा वर्ष 2004 में शुरू की गई ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत अप्रैल 2004 या उसके बाद सरकारी नौकरी पर लगे लोगों को पेंशन दी जाती है। पर क्या कभी आपने सोचा है कि जिनकी सरकारी नौकरी नहीं है, काश उन्हें भी कभी पेंशन मिल पाती! अगर ऐसा है, तो यह जानकारी आपके काम की है। क्योंकि दिसम्बर 2011 से सरकार ने इस योजना से सभी लोगों के जुड़ने की इजाजत दे दी है। पर ध्यान रहे, सरकारी मुलाजिम की तनख्वाह में से कुछ पैसा इस पेंशन के लिए हर महीने काटा जाता है, इसी तरह आपको भी अपनी बचत में से कुछ पैसा NPS के लिएPFRDA जमा कराना होगा ये जरूरी नहीं है कि आप हर महीने ही जमा करवाएं, एक साल में कम से कम 1000 रूपये जमा करने हैं। अगर कभी नहीं भी कराए, तो अगली बार जमा करवा दीजिए।
आपकी उम्र 18 साल या उससे अधिक है, तो आप इस व्यवस्था का फायदा उठा सकते हैं। अब तक लगभग सवा करोड़ से भी ज्यादा लोग एनपीएस से जुड़ चुके हैं। एन पी एस में आप अपनी सुविधा के हिसाब से बचत करते हैं, और 60 साल के होने पर जिस रकम के आप हकदार हो जाते हैं, उसके हिसाब से आपको कितनी पेंशन हर महीने लेनी है, ये आप खुद तय करते हैं।
ठीक से समझ नहीं आ रहा है, मुझे कितना पैसा मिलेगा ?
जैसाकि पहले बताया जा चुका है कि कितनी रकम मिलेगी, ये पक्का बताना कठिन है, पर आप अपनी उम्र, बचत करने की क्षमता के हिसाब से इसका अंदाजा लगा सकते हैं। अंदाजा लगाने के लिए, इस व्यवस्था के तहत स्थापित NPS ट्रस्ट का NPS कैल्कुलेटर के लिए यहॉं क्लिक करें
अगर मैं नहीं रहा तो ?
ईश्वर न करें, पर आपके न रहने पर पूरा कॉरपस आपके नॉमिनी को मिलेगा, यदि आपने नॉमिनी न बनाया हो, तो फिर कानूनी वारिस को मिलेगा।
60 साल से पहले पैसा निकालना हो तो ?
शुरू करने के कम से कम 3 साल बाद जीवन में ज्यादा से ज्यादा तीन बार, समय से पहले जमा कराई रकम में से 25%-25% पैसा चुनिंदा कारणों से निकाला जा सकता है।
अगर आप NPS बंद कराना चाहें, तो कम से कम 10 साल बाद पैसा निकाल सकेंगे। इसमें भी अगर रकम 1 लाख से कम है, तो पूरी रकम निकाल सकते हैं, ज्यादा हो, तो कॉरपस का 20% निकाल सकते हैं, बाकी 80% रकम से आपको पेंशन ही दी जाएगी, यानि पेंशन तो मिलेगी ही मिलेगी।
पेंशन के अलावा कोई इकठ्ठा पैसा भी मिलेगा ?
जी हॉं। NPS में आप जो पैसा जमा करते हैं, उसका थोड़ा-थोड़ा हिस्सा सरकारी योजनाओं में (ताकि पैसा सुरक्षित रहे), निजी कम्पनियों में (ताकि पैसा सुरक्षित रहे और बढता भी रहे) और शेयर मार्केट में (ताकि पैसा तेजी से बढे) पैसा लगाया जाता है, कहॉं कितना पैसा लगाना है, यह भी आप चाहें तो यह भी तय कर सकते हैं। इस पैसे से होने वाली आमदनी और आपके द्वारा दी गई रकम को जोडकर उसे “कॉरपस” कहा जाता है। कॉरपस रकम का कम से कम 40% आपको हर महीने की पेंशन के लिए रखना होता है इसे “एन्युइटी” कहा जाता है। बाकी पैसा (यानि कॉरपस का 60% तक) आप एकमुश्त भुगतान ले सकते हैं।
अरे वाह! और बताइये !
NPS में दो तरह के खाते रख सकते हैं। एक साधारण खाता (जिसे टियर-1 खाता कहा जाता है), जिसमें आप आम तौर पर पैसा अपनी किश्त की तरह जमा कराते हैं, दूसरा खाता (जिसे टियर-2 खाता कहा जाता है) जिसे आप कभी-कभार एक्स्ट्रा पैसा जमा कराने के लिए काम में लेते हैं। दूसरा खाता जरूरी नहीं है, आप चाहें तो खुलवाएं, न चाहें तो कोई बात नहीं।
आयकर (इन्कम टैक्स) की धारा 80CCD(1B) के तहत NPS में पैसा जमा करने पर आपको 50,000 रूपये तक की एक्स्ट्रा छूट मिलती है।
NPS में अपनी रकम को खुद अपनी पसंद से मैनेज करने की सुविधा है, आप घर बैठे ऑनलाइन अपने एनपीएस खाते को / जमा रकम को मैनेज कर सकते हैं।
एन पी एस शुरू कैसे करूं ?