कभी आधार कार्ड में सुधार कराने की जरूरत महसूस हो तो कैसे कराएं, पहले तो बहुत लोग थे आधार कार्ड में सुधार करने वाले! पर वे लोग अब नहीं दिखते। फिर आधार कार्ड में सुधार कैसे करवाएं?
इस श्रृंखला में हम आपको आधार कार्ड में सुधार कराने के बारे में जानकारी देंगे। आधार कार्ड में सुधार कराने से पहले यह समझना जरूरी है कि आधार कार्ड में क्या सुधार कराने हैं।
देखिए आधार कार्ड में हमारी कई जानकारियॉं होती हैं। जैसे- नाम, जन्मतिथि, लिंग, फोटो, पिता/पति का नाम, पता, मोबाइल नम्बर, ई-मेल आईडी, रेटीना स्कैन की जानकारी और उंगलियों (व अंगूठों) के निशानों की जानकारी। इन जानकारियों को हम अलग अलग हिस्सों में बांट लें, तो समझना थोड़ा आसान हो जाएगा।
आंखों की पुतलियों और उंगलियों के निशान वाली जानकारी जो हमें आधार कार्ड पर छपी हुई नहीं मिलती, इस जानकारी को बायोमेट्रिक जानकारी कहा जाता है। बाकी सभी जानकारियों को डेमोग्राफिक जानकारी कहा जाता है।
बायोमेट्रिक
यह तो आप समझते ही हैं कि बायोमेट्रिक जानकारी केवल आधार सेंटर पर जाकर ही अपडेट / दुरूस्त की जा सकती है। जी हॉं, चौंकिए मत! बायोमेट्रिक जानकारी भी अपडेट कराने की जरूरत पड़ सकती है। जैसे कि – बच्चा जब बड़ा हो रहा होता है, उसकी उंगलियों के निशान आदि अपडेट करने की जरूरत पड़ती है। पॉंच साल से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड बनाते समय तो बायोमेट्रिक जानकारियां ली ही नहीं जातीं, इसलिए भी पॉंच साल की उम्र होने पर आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट कराना जरूरी होता है। इसके अलावा बुजुर्ग हो जाने पर भी कभी कभी उंगलियों के निशान घिसने लगते हैं, या मिटने लगते हैं। भगवान न करें कभी दुर्घटना के कारण भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने की जरूरत पड़ सकती है। इस बारे में अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।
डेमोग्राफिक
हो सकता है कि आधार कार्ड में आपका नाम गलत तरह से लिखा गया हो, या आपकी जन्मतिथि गलत लिखी हो, या पूरी जन्मतिथि न लिखी हो, कोई और गलती भी हो सकती है, यह भी हो सकता है कि आपका पता अब बदल गया हो। इस बारे में और जानने समझने के लिए यहां क्लिक करें।
खैर… कारण चाहे जो भी हो, आधार कार्ड में सुधार कराने के लिए अगर आपको आधार सेंटर जाना पड़ ही रहा है, तो इसके लिए ऑनलाइन Appointment Book करानी पड़ेगी, मतलब पहले से समय लेना पड़ेगा।
